Jesus Hindi

जकर्याह 5

उड़नेवाली चर्मपत्री का दर्शन जकर्याह 5 1 मैं ने फिर आँखें उठाईं तो क्या देखा, कि एक लिखा हुआ पत्र उड़ रहा है। 2 दूत ने मुझ से पूछा, “तुझे क्या देख पड़ता है?” मैं ने कहा, “मुझे एक लिखा हुआ पत्र उड़ता हुआ देख पड़ता है, जिस की लम्बाई बीस हाथ और चौड़ाई दस हाथ की … Read more

जकर्याह 4

दीवट और जैतून वृक्ष जकर्याह 4 1 फिर जो दूत मुझ से बातें करता था, उसने आकर मुझे ऐसा जगाया जैसा कोई नींद से जगाया जाए। 2 और उसने मुझ से पूछा, “तुझे क्या देख पड़ता है?” मैं ने कहा, “एक दीवट है, जो सम्पूर्ण सोने की है, और उसका कटोरा उसकी चोटी पर है, और उस … Read more