Jesus Hindi

विलापगीत 3

भविष्यद्वक्ता की व्यथा और उसकी आशा 3 1 उसके रोष की छड़ी से दुःख भोगनेवाला पुरुष मैं ही हूँ; 2 वह मुझे ले जाकर उजियाले में नहीं, अंधियारे ही में चलाता है; 3 उसका हाथ दिन भर मेरे ही विरुद्ध उठता रहता है। 4 उसने मेरा माँस और चमड़ा गला दिया है, और मेरी हड्डियों को तोड़ दिया है; … Read more

विलापगीत 2

यरूशलेम के साथ परमेश्वर का क्रोध 2 1 यहोवा ने सिय्योन की पुत्री को किस प्रकार अपने कोप के बादलों से ढाँप दिया है! उसने इस्राएल की शोभा को आकाश से धरती पर पटक दिया; और कोप के दिन अपने पाँवों की चौकी को स्मरण नहीं किया। 2 यहोवा ने याकूब की सब बस्तियों को निष्ठुरता से … Read more