Jesus Hindi

नीतिवचन 9

 ज्ञान का मार्ग नीतिवचन 9 1 बुद्धि ने अपना घर बनाया और उसके सातों खम्भे गढ़े हुए हैं। 2 उसने अपने पशु वध करके, अपने दाखमधु में मसाला मिलाया है, और अपनी मेज़ लगाई है। 3 उसने अपनी सहेलियाँ, सब को बुलाने के लिये भेजी हैं; वह नगर के ऊँचे स्थानों की चोटी पर पुकारती है, 4 “जो कोई … Read more

नीतिवचन 8

 ज्ञान की श्रेष्ठता नीतिवचन 8 1 क्या बुद्धि नहीं पुकारती है, क्या समझ ऊँचे शब्द से नहीं बोलती है? 2 वह तो ऊँचे स्थानों पर मार्ग की एक ओर और तिर्मुहानियों में खड़ी होती है; 3 फाटकों के पास नगर के पैठाव में, और द्वारों ही में वह ऊँचे स्वर से कहती है, 4 “हे मनुष्यो, मैं तुम को … Read more