Jesus Hindi

सभोपदेशक 4

सभोपदेशक 4 1 तब मैंने वह सब अंधेर देखा जो संसार में होता है। और क्या देखा, कि अंधेर सहनेवालों के आँसू बह रहे हैं, और उनको कोई शान्ति देनेवाला नहीं! अंधेर करनेवालों के हाथ में शक्ति थी, परन्तु उनको कोई शान्ति देनेवाला नहीं था। 2 इसलिये मैं ने मरे हुओं को जो मर चुके हैं, उन … Read more

सभोपदेशक 3

 हर बात का अपना समय सभोपदेशक 3 1 हर एक बात का एक अवसर और प्रत्येक काम का, जो आकाश के नीचे होता है, एक समय है। 2 जन्म का समय, और मरन का भी समय; बोने का समय; और बोए हुए को उखाड़ने का भी समय है; 3 घात करने का समय, और चंगा करने का भी … Read more