सभोपदेशक 4
सभोपदेशक 4 1 तब मैंने वह सब अंधेर देखा जो संसार में होता है। और क्या देखा, कि अंधेर सहनेवालों के आँसू बह रहे हैं, और उनको कोई शान्ति देनेवाला नहीं! अंधेर करनेवालों के हाथ में शक्ति थी, परन्तु उनको कोई शान्ति देनेवाला नहीं था। 2 इसलिये मैं ने मरे हुओं को जो मर चुके हैं, उन … Read more