नीतिवचन 30
आगूर का ज्ञान नीतिवचन 30 1 याके के पुत्र आगूर के प्रभावशाली वचन। उस पुरुष ने ईतीएल और उक्काल से यह कहा: 2 निश्चय मैं पशु सरीखा हूँ, वरन् मनुष्य कहलाने के योग्य भी नहीं; और मनुष्य की समझ मुझ में नहीं है। 3 न मैं ने बुद्धि प्राप्त की है, और न परमपवित्र का ज्ञान … Read more