भजन संहिता 95
स्तुतिगान भजन संहिता 95 1 आओ हम यहोवा के लिये ऊँचे स्वर से गाएँ, अपने उद्धार की चट्टान का जयजयकार करें! 2 हम धन्यवाद करते हुए उसके सम्मुख आएँ, और भजन गाते हुए उसका जयजयकार करें। 3 क्योंकि यहोवा महान् परमेश्वर है, और सब देवताओं के ऊपर महान् राजा है। 4 पृथ्वी के गहरे स्थान उसी … Read more